CJP Leaders Arrest: जंतर-मंतर पर 3 नेताओं की गिरफ्तारी, जानें पूरा मामला
CJP Leaders Arrest किया गया। दिल्ली के जंतर-मंतर पर आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे की गिरफ्तारी के पीछे क्या वजह है? जानें पूरा मामला


कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के लीडर आशुतोष रांका,सौरव दास और शिंदे को 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बिना इजाजत के जंतर-मंतर में घुसने के आरोपों में गिरफ्तार में लिया गया। जंतर-मंतर में घुसने और कानून का उल्लंघन करने के लिए सीजीपी के तीनों लीडरों को दिल्ली पुलिस द्वारा अरेस्ट किया गया। सीजीपी के लीडर पर ब्रांड का उल्लंघन करने व सरकारी अधिकारी के काम में बाधा डालने जैसे आरोप लगाए गए हैं

दिल्ली के जंतर-मंतर पर पुलिस द्वारा बैरीकेड लगाए हुए कई। मंगलवार को सीजीपी के नेता सौरव दास, अशुतोष रांका और अजितेश शिंदे ने जंतर-मंतर में बैरीकेड को तोड़कर जंतर-मंतर में घुसने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाने के बाद तीनों को मंगलवार को हिरासत में लिया गया।
सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को दिल्ली मंदिर मार्ग पर मजिस्ट्रेट के सामने सुबह 8:00 बजे पेश किया गया। इससे पहले 10 अक्टूबर को इनके ऊपर 50,000 रुपये का प्रबंध भरने और एक साल तक शांति भंग करने वाले किसी भी मामले में किसी भी प्रोटेस्ट में जो देश की शांति भंग होती है उसमें शामिल न होने का वादा करने के बाद रिहा किया गया था। लेकिन इस बार प्रबंध की शर्तों का उल्लंघन करने व बिना इजाजत जंतर-मंतर घुसने और कानून का उल्लंघन करने का आरोप है।
अभिजीत दीपक
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने अपने X पर पोस्ट में बताया, शौरव दास, आसुतोष को 5 दिन की न्याय हिरासत में भेज दिया गया है आखिर उनकी गलती क्या है? जंतर-मंतर पर एक तिरंगा उठाने और सरकार से सवाल करना इतना बड़ा गुनाह है? क्या वो हमें हर बार अरेस्ट कर लो? अभिजीत ने सरकार की जो उन पर कार्रवाई की गई उनकी आलोचना करते हुए दीपके ने सरकार पर असहमति की आवाज़ को दबाने का आरोप लगाया है।
दिल्ली पुलिस ने सौरव दास आसुतोष राव का को BNSS भारतीय नागरिक सुरक्षा सहायता धारा 163 का एक बार फिर उल्लंघन करने पर सीजीपी लीडर को एक बार फिर हिरासत में लिया गया। पुलिस का दावा है कि ये बार-बार नियम तोड़ने वालों के तौर पर उन्हें ब्रांड की शर्तों का उल्लंघन करने उल्लंघन किया है, जो उन्होंने भरा था। सीजीपी के कार्यकर्ताओं को कोर्ट ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने सुबह मंगलवार को रांका दास और शिंदे को पुलिस बैरिकेड पार करने और नियमों का पालन न करने, जंतर-मंतर में घुसने, मुख्य चुनाव आयोग ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाने के बाद दिल्ली पुलिस द्वारा सीजीपी के लीडरों को हिरासत में लिया गया। दिल्ली पुलिस का कहना है उन्होंने धार; 163 का उल्लंघन किया और पुलिस के काम में बाधा डालने की कोशिश की, इसलिए इन्हें हिरासत में लिया गया है।
Ratna Singh
CJP के कार्यकर्ता टीम के लीडर रत्ना सिंह ने अपने X पर एक पोस्ट में कहा, दिल्ली पुलिस ने आज जंतर-मंतर मामले में आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य सिंधे को पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में गिरफ्तार किया गया। उन पर बिना इजाजत जंतर-मंतर में घुसने, वत्रिंगा पराने और प्राण का उल्लंघन करने, सरकारी अधिकारी के काम में रुकावट डालने जैसे आरोप लगाए गए। रत्ना सिंह ने यह भी कहा है कि उनके लॉयर से भी दिल्ली पुलिस नहीं मिलने दे रही है। दिल्ली पुलिस द्वारा वकीलों से न मिलने देना एक चिंता का विषय बना हुआ है हमारे लिए। इन तीनों को एक निजी वैन में सुबह तीन बजे संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पर लाया गया।
मतदाता सूची के विशेष गान अनुरक्षण SIR में कतीत गड़बड़ियों व घोटालों को लेकर सीजीपी और अन्य समूह द्वारा दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। दिल्ली पुलिस में सुरक्षा उपायों का बढ़ाया जाने के समय में यह गिरफ्तारी हुई है। राष्ट्रीय राजधानी में एक पूर्व विरोध प्रदर्शन के दौरान सौरव और असुतोष को एक शर्त के लिए देश में शांति बनाए रखने 10 अक्टूबर को गिरफ्तारी के दौरान उन्होंने देश में शांति बनाए रखने के लिए हस्ताक्षर किए थे। उन नियमों का उल्लंघन करने और पुलिस के कामों में बाधा डालने से उनको गिरफ्तार किया गया है।
दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने 11 अक्टूबर को एक आदेश जारी किया। जो भी विरोध प्रदर्शन, जो भी प्रोटेस्ट कर रहे हैं उनके लिए जंतर-मंतर प्रोटेस्ट की अनुमति न देकर उन्होंने कहा है कि रामलीला मैदान, मुरारी ग्राउंड, सीवीडी ग्राउंड पर अनुमति लेकर आप प्रोटेस्ट कर सकते हैं। प्रदर्शन करना यह भारत के संविधान में दिया गया है, यह आप लोगों का अधिकार है लेकिन इन जगहों पर आप अनुमति लेकर अपना प्रोटेस्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। आदेश में जंतर-मंतर को अस्वीकार विरोध स्थान को सूचित से हटा दिया गया है
CJP ने इस फैसले का विरोध करते हुए कहा है कि प्रदर्शनकारियों को राष्ट्रीय राजधानी पार्लियामेंट से दूर ले जाने से विरोध प्रदर्शनों की दृष्टि और प्रभाव कम हो जाएगा। पार्लियामेंट जंतर-मंतर के बिल्कुल नज़दीक होने के वजह से हम जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट पॉइंट को सही माना है क्योंकि इस जगह पर पार्लियामेंट के नज़दीक होने के वजह से यहाँ पर संसद और राज्य नेता यहाँ पर आ सकते हैं, उनका टाइम बच जाता है और उन्हें पता चलता है कि हमारे नज़दीक ही प्रोटेस्ट चल रहा है, उनकी मांगों को सुना जाना चाहिए और जल्दी इसका निवारण होना चाहिए। पास प्रदर्शन करने की वजह यह है और आप इतना दूर हमें प्रदर्शन करने के लिए मैदान दे रहे हो, इसमें न तो कोई सरकार हमारी बातें सुनेगी और न ही कोई राजनेता इतना दूर आ पाएगा। इसलिए हम इस फैसले का बहिष्कार करते हैं। प्रोटेस्ट करने के लिए सबसे अच्छी जगह जंतर-मंतर भी है और पहले से चली आ रही इस परंपरा को आप खिलाब नहीं हो सकते।

Ashutosh Sharma
आशुतोष शर्मा सीजेपी मीडिया के प्रधान संपादक एवं राजनीतिक विश्लेषक हैं। वे राष्ट्रीय राजनीति, चुनाव, सार्वजनिक नीतियों, शासन and जनहित के विषयों पर गहन विश्लेषण प्रस्तुत करते हैं। उनकी पत्रकारिता तथ्य, निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर आधारित है।


