Breaking
Jantar Mantar Protest Today : संसद चलो मार्च पर बवाल, दिल्ली पुलिस और CJP आमने-सामनेMadhya Pradesh Mein Adivasiyon ka Andolan: चिता पर लेटकर मांग रहे न्याय, जानिए क्या है पूरा मामला Arvind Kejriwal Jantar Mantar Pahunche: सोनम वांगचुक के समर्थन में केंद्र सरकार पर साधा निशानाRamban Jammu Kashmir Bus Fire: टूरिस्ट बस में लगी आग, CRPF जवानों की तत्परता से सभी 52 यात्री सुरक्षितPetrol Diesel Price Today India: भारत ने डीजल और जेट फ्यूल निर्यात पर टैक्स बढ़ायाJantar Mantar Protest Today : संसद चलो मार्च पर बवाल, दिल्ली पुलिस और CJP आमने-सामनेMadhya Pradesh Mein Adivasiyon ka Andolan: चिता पर लेटकर मांग रहे न्याय, जानिए क्या है पूरा मामला Arvind Kejriwal Jantar Mantar Pahunche: सोनम वांगचुक के समर्थन में केंद्र सरकार पर साधा निशानाRamban Jammu Kashmir Bus Fire: टूरिस्ट बस में लगी आग, CRPF जवानों की तत्परता से सभी 52 यात्री सुरक्षितPetrol Diesel Price Today India: भारत ने डीजल और जेट फ्यूल निर्यात पर टैक्स बढ़ाया
Public Affairs

Jantar Mantar Protest Today : संसद चलो मार्च पर बवाल, दिल्ली पुलिस और CJP आमने-सामने

Jantar Mantar Protest Today: संसद चलो मार्च को लेकर विवाद गहरा गया है। दिल्ली पुलिस और CJP आमने-सामने हैं। जानिए मार्च पर पुलिस की आपत्ति, CJP का पक्ष और पूरे मामले की ताज़ा अपडेट।

Varun Pandey
Varun Pandeyप्रौद्योगिकी संपादक
July 19, 20265 min readBeat: टेक्नोलॉजी
Jantar Mantar Protest Today Sonam Vangchuk

Sonam Vangchuk

Jantar Mantar Protest Today आंदोलन को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। दिल्ली पुलिस ने 20 जुलाई को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के "संसद चलो" मार्च को अवैध बताते हुए इसे रोकने की बात कही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जंतर-मंतर पर जारी भूख हड़ताल और उससे जुड़े कार्यक्रमों के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि बड़ी संख्या में लोग संसद की ओर मार्च करने की कोशिश करते हैं तो उन्हें हिरासत में लिया जा सकता है।

Sonam wangchuk ko jantar mantar se uthaya
सोनम वांगचुक को जंतर मंतर से उठाया

दूसरी ओर, CJP और आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनका प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किया जा रहा है। उनका तर्क है कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भी महात्मा गांधी सहित कई नेताओं ने अहिंसक आंदोलनों के माध्यम से अपनी बात सरकार तक पहुंचाई थी। इसलिए शांतिपूर्ण विरोध को गैर-कानूनी बताना उचित नहीं है।

21 दिन की भूख हड़ताल के बाद बढ़ा तनाव

यह पूरा मामला जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से चल रही भूख हड़ताल से जुड़ा हुआ है। लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, विशेष रूप से NEET-UG पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे।

Jantar Mantar Protest Today
Sonam Vangchuk

शनिवार सुबह पुलिस ने उन्हें प्रदर्शन स्थल से हटाकर सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया। इस कार्रवाई के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी। आंदोलन से जुड़े लोगों का आरोप है कि कई समर्थकों के साथ धक्का-मुक्की हुई और CJP के प्रवक्ता अभिजीत दिपके को भी कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया।

देर रात जंतर-मंतर पहुंचे चंद्रशेखर आज़ाद

आंदोलन के समर्थन में भीम आर्मी प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद भी देर रात जंतर-मंतर पहुंचे। आंदोलनकारियों का कहना है कि उन्हें आशंका थी कि पुलिस अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में ले सकती है।

चंद्रशेखर रावण रात को 2:00 बजे दिल्ली के जंतर मंतर पहुंचे अभिजीत का कहना है कि पुलिस वालो ने सोनम सर को उठा लिया है अब हमारी बारी है पुलिस वाले हमें भी आज रात को उठा लेंगे इसीलिए चंद्रशेखर रावण रात को 2:00 बजे दिल्ली के जंतर मंतर पहुंचे।

Chandra Shekhar Azad jantar mantar pahunche
Chandra Shekhar Azad

चंद्रशेखर आज़ाद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक देश में शांतिपूर्ण आंदोलन करने वालों के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं होना चाहिए। उन्होंने सोनम वांगचुक को जबरन हटाने की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे अनुचित बताया।

अनुमति को लेकर पुलिस और CJP के अलग-अलग दावे

जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर पुलिस और CJP के बीच सबसे बड़ा विवाद अनुमति को लेकर है।

दिल्ली पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन के लिए केवल सीमित अवधि की अनुमति दी गई थी और बाद में आंदोलन को बिना नई मंजूरी के जारी रखा गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, "संसद चलो" मार्च के लिए न तो कोई औपचारिक आवेदन दिया गया और न ही प्रशासन से अनुमति प्राप्त की गई।

वहीं CJP की ओर से कहा गया है कि प्रशासन को मार्च की जानकारी पहले ही दे दी गई थी। पार्टी नेताओं का आरोप है कि उन्हें पहले से ही अंदाजा था कि मार्च को अनुमति नहीं मिलेगी, इसलिए उन्होंने मौखिक रूप से पुलिस को इसकी जानकारी दे दी थी।

आधी रात की कार्रवाई पर उठे सवाल

आंदोलन से जुड़े लोगों का आरोप है कि सोनम वांगचुक को देर रात अचानक हटाया गया। उनका कहना है कि पुलिस ने पूरी योजना के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें एम्बुलेंस तक पहुंचाया और अस्पताल ले गई।

हालांकि दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों को खारिज किया है। पुलिस का कहना है कि यह कदम केवल चिकित्सकीय सलाह के आधार पर उठाया गया था क्योंकि डॉक्टरों ने वांगचुक की सेहत को लेकर चिंता जताई थी। अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान किसी तरह की अनावश्यक बल प्रयोग की जरूरत नहीं पड़ी और पूरी प्रक्रिया पेशेवर तरीके से की गई।

स्वास्थ्य को लेकर डॉक्टरों की चिंता

19 जुलाई 2026 तक सोनम वांगचुक सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन उन्होंने अपनी भूख हड़ताल समाप्त नहीं की है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार उन्होंने नसों के जरिए दिए जाने वाले तरल पदार्थ, ओरल रिहाइड्रेशन और कुछ दवाएं लेने से इनकार किया है।

मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन उनमें डिहाइड्रेशन, कमजोरी और शरीर में कुछ रासायनिक असंतुलन के संकेत देखे गए हैं। डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने उन्हें जल्द चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दी है। हालांकि वांगचुक और उनके परिवार ने अस्पताल से छुट्टी देने की मांग भी उठाई है।

जंतर-मंतर पर बढ़ाई गई सुरक्षा

संभावित "संसद चलो" मार्च को देखते हुए जंतर-मंतर और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों को तैनात किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की भी मदद ली जाएगी।

पुलिस का कहना है कि आंदोलन स्थल पर लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। वहीं प्रदर्शनकारी अपने आंदोलन को लोकतांत्रिक अधिकार बताते हुए इसे जारी रखने की बात कह रहे हैं।


#SonamWangchuk#JantarMantarProtestToday#hunderstrike#cjpnews#todayjantarmantarnews
Varun Pandey
प्रौद्योगिकी संपादक • टेक्नोलॉजी

Varun Pandey

वरुण पांडेय सीजेपी मीडिया में प्रौद्योगिकी संपादक हैं। वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), साइबर सुरक्षा, स्टार्टअप, डिजिटल सेवाओं और नई तकनीकों पर लेखन करते हैं तथा जटिल तकनीकी विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करते हैं।