राजस्थान में पंचायत चुनाव कब होंगे? जानिए नई अपडेट, संभावित तारीख, चुनाव प्रक्रिया और पूरी जानकारी (2026)
राजस्थान में पंचायत चुनाव कब होंगे? जानें 2026 की ताजा अपडेट, चुनाव में देरी की वजह, संभावित शेड्यूल, नामांकन, मतदान, रिजल्ट और सभी महत्वपूर्ण जानकारी।


Rajasthan Vote
राजस्थान में पंचायत चुनाव को लेकर लाखों ग्रामीण मतदाता, सरपंच पद के इच्छुक उम्मीदवार और राजनीतिक कार्यकर्ता लगातार एक ही सवाल पूछ रहे हैं राजस्थान में पंचायत चुनाव कब होंगे?
राजस्थान में पंचायत चुनाव कब होंगे?

राजस्थान में अब पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव 31 जुलाई तक करवाने संभव नहीं है और इसकी वजह है समय का भाव | और राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायती राज्य विभाग को लेख पत्र में सांप लिखा है कि पंचायती और नगरीय निकाय चुनाव को करवाने के लिए कम से कम 90 दिनों की आवश्यकता होती है
हालिया अपडेट के अनुसार पंचायत और निकाय चुनावों में देरी की मुख्य वजह OBC आरक्षण से संबंधित आयोग की रिपोर्ट है। रिपोर्ट आने और आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही चुनाव कार्यक्रम जारी किया जाएगा।
पंचायत चुनाव में देरी क्यों हो रही है?
पंचायती राज विभाग और राज्य चुनाव आयोग को ओबीसी (OBC) आरक्षण का डेटा और रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है, जिसके कारण वार्डवार आरक्षण तय करने की प्रक्रिया रुकी हुई है।
राज्य चुनाव आयोग और पंचायती राज विभाग को ओबीसी (OBC) आरक्षण का डेटा और रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है इसी कारण चुनाव में देरी की वजह बन रही है | ओबीसी आयोग द्वारा अपनी रिपोर्ट14 अगस्त को दी जाएगी और वोटिंग ओबीसी रिपोर्ट के बाद जाएगी और माना जा रहा है कि मतदान की प्रक्रिया सितंबर से अक्टूबर के बीच की जाएगी
- आरक्षण सूची को अंतिम रूप दिया जाना।
- वार्ड एवं पंचायत क्षेत्रों से संबंधित प्रशासनिक प्रक्रिया।
- निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम तैयार किया जाना।
इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही चुनाव कार्यक्रम जारी होगा।
राजस्थान हाईकोर्ट ने क्या कहा था?
राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि प्रदेश में पंचायत और नगर निकाय चुनाव 31 जुलाई तक संपन्न कराए जाएं। हालांकि, राज्य सरकार ने अदालत से चुनाव कराने के लिए दिसंबर तक का अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया था। इस पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि ओबीसी आयोग का गठन हुए एक वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन आयोग की प्रक्रिया में हो रही देरी को स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव टालने का आधार नहीं बनाया जा सकता।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि राजस्थान की सामान्य मौसम परिस्थितियों को चुनाव टालने का उचित कारण नहीं माना जा सकता। कोर्ट के अनुसार, बारिश या गर्मी जैसी स्थितियां राज्य में सामान्य हैं और इनके कारण सरकारी कामकाज नहीं रुकता। इसलिए पंचायत और निकाय चुनाव समय पर कराना राज्य सरकार की संवैधानिक तथा वैधानिक जिम्मेदारी है।
पंचायत चुनाव में किन पदों के लिए मतदान होता है?
राजस्थान पंचायत चुनाव में निम्न पदों के लिए चुनाव होते हैं
- ग्राम पंचायत के पंच
- सरपंच
- पंचायत समिति सदस्य
- जिला परिषद सदस्य
पंचायत चुनाव कौन कराता है?
राजस्थान में पंचायत चुनावों का आयोजन राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग करता है। यही संस्था चुनाव कार्यक्रम, मतदान, मतगणना और परिणाम जारी करती है।
भारतीय संविधान के अनुसार वोट डालने की आयु 18 साल होती है और वोटिंग करने के लिए ग्राम पंचायत में मतदान सूची में नाम होना जरूरी है और स्वयं का वोटर आईडी होना बहुत जरूरी है वोटर आईडी से आप वोट कर सकेंगे |
सरपंच चुनाव कौन लड़ सकता है?
उम्मीदवार को कानून के अनुसार निर्धारित पात्रता पूरी करनी होती है। वह भारत का नागरिक होना चाहिए उसे निर्धारित 21 वर्ष की आयु पूरी होनी चाहिए और वह अयोग्य की घोषित न हो और वह चुनाव आयोग का नियमों का पालन करता हो
आमतौर पर आवश्यक बातें
- भारतीय नागरिक होना।
- निर्धारित आयु पूरी होना।
- चुनाव आयोग के नियमों का पालन करना।
चुनाव लड़ने के लिए जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड
- वोटर आईडी
- पासपोर्ट साइज फोटो
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- अन्य दस्तावेज, जैसा आयोग निर्धारित करे
पंचायत चुनाव में आरक्षण कैसे तय होता है?
आरक्षण का निर्धारण राज्य सरकार और संबंधित कानूनी प्रावधानों के अनुसार किया जाता है। इसमें SC, ST, OBC और महिलाओं के लिए आरक्षित सीटें तय की जाती हैं। वर्तमान में OBC आरक्षण प्रक्रिया ही चुनाव कार्यक्रम में देरी का प्रमुख कारण बताई जा रही है।

Jassi Parihar
Lead AI Architect at CJP Media. Former researcher in cognitive computing and compiler engineering