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भूटान ने भारत से E20 पेट्रोल लेने से इनकार: Bhutan बोला- हमारी गाड़ियां खराब हो जाएंगी

भूटान ने भारत से E20 पेट्रोल लेने से इनकार क्यों किया? जानिए E20 और E85 पेट्रोल क्या हैं, भूटान की चिंता क्या है, भारत की एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति और दोनों देशों के बीच पूरा मामला।

Ashutosh Sharma
Ashutosh Sharmaप्रधान संपादक एवं राजनीतिक विश्लेषक
July 5, 20264 min readBeat: राजनीति
भूटान ने भारत से E20 पेट्रोल लेने से इनकार: Bhutan बोला- हमारी गाड़ियां खराब हो जाएंगी

भूटान vs भारत

भारत सरकार देशभर में 20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) को बढ़ावा दे रही है। इसी बीच पड़ोसी देश भूटान ने भारत से E20 पेट्रोल की आपूर्ति लेने पर फिलहाल सहमति नहीं दी है। भूटानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भूटान ने भारतीय ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) से अनुरोध किया है कि जब तक सामान्य (बिना एथेनॉल मिश्रण वाला) पेट्रोल उपलब्ध है, तब तक वही ईंधन भेजा जाए।

पुराना फ्यूल स्टोरेज सिस्टम बना बड़ी चिंता

भूटान के अधिकारियों का कहना है कि देश में ईंधन भंडारण की व्यवस्था काफी पुरानी है। अधिकांश पेट्रोल पंपों के फ्यूल टैंक जमीन के नीचे बने हुए हैं, जहां समय के साथ पानी रिसने (सीपेज) की समस्या देखी जाती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, E20 पेट्रोल में मौजूद एथेनॉल नमी को तेजी से अपनी ओर खींचता है। यदि स्टोरेज टैंक में पानी प्रवेश कर जाए तो ईंधन की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इससे पेट्रोल में पानी मिल जाने का खतरा बढ़ जाता है, जिसे अलग करना आसान नहीं होता। साथ ही स्टील के टैंक और पाइपलाइन में जंग लगने की संभावना भी बढ़ जाती है, जिससे वाहनों के इंजन पर असर पड़ सकता है।

पहाड़ी इलाकों में प्रदर्शन को लेकर भी चिंता

भूटान का अधिकांश क्षेत्र पहाड़ी है, जहां वाहनों को लगातार चढ़ाई वाले रास्तों पर चलना पड़ता है। ऐसे में इंजन से अधिक शक्ति (पावर) की आवश्यकता होती है। अधिकारियों का मानना है कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की वजह से वाहन अपेक्षित प्रदर्शन नहीं दे पाएंगे। इसी कारण फिलहाल सामान्य पेट्रोल की आपूर्ति जारी रखने का अनुरोध किया गया है।

  • इंजन के पुर्जों पर असर पड़ सकता है।
  • रबर और प्लास्टिक के फ्यूल पाइप खराब हो सकते हैं।
  • माइलेज और परफॉर्मेंस प्रभावित हो सकती है।
  • लंबे समय में मेंटेनेंस का खर्च बढ़ सकता है।

इसी वजह से भूटान ने भारत से सामान्य पेट्रोल की आपूर्ति जारी रखने की मांग की है।

भारत में भी E20 पेट्रोल पर जारी है बहस

भारत में भी E20 पेट्रोल को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है। खासकर 2023 से पहले निर्मित कई पेट्रोल वाहनों के मालिकों का कहना है कि इस ईंधन से माइलेज में कमी, रखरखाव का खर्च बढ़ने और कुछ इंजन पार्ट्स पर अतिरिक्त दबाव पड़ने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।

भूटान ने भारत से E20 पेट्रोल लेने से इनकार
भूटान ने भारत से E20 पेट्रोल

हालांकि, भारत सरकार का कहना है कि E20 पेट्रोल पर्यावरण के लिए अधिक अनुकूल है और इससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी। सरकार के अनुसार माइलेज में मामूली अंतर आ सकता है, लेकिन सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आ रहे हैं

जिससे लोगों की प्रॉब्लम साफ दिखाई दे रही है लोगों की गाड़ियां बीच रास्ते में बंद हो रही है और पहले से माइलेज काम देने लगी है इंडिया में E85 लागू कर दिया है लेकिन सरकार का दावा है कि जल्दी E100 लागू कर दिया जाएगा और इंडियन कार E85 और E100 के लिए अभी अनुकूल नहीं है

लेकिन इंजन की कार्यक्षमता पर कोई बड़ा नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता, यदि वाहन E20 के अनुकूल हो।

भूटान कैसे करेगा E20 पेट्रोल की पहचान?

भूटान अपनी पेट्रोल और डीजल की अधिकांश जरूरतें भारत से पूरी करता है। वहां आमतौर पर उच्च गुणवत्ता वाला ईंधन भेजा जाता है।

भूटानी अधिकारियों का कहना है कि यदि गलती से E20 पेट्रोल की सप्लाई हो जाती है तो उसकी पहचान करना कठिन नहीं होगा। एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल में यदि थोड़ी भी मात्रा में पानी मिल जाए तो उसका रंग हल्का दूधिया दिखाई देने लगता है, जिससे परीक्षण के दौरान आसानी से पता चल सकता है।

भारत से एडवांस सूचना देने की मांग

भूटान सरकार ने भारतीय ऑयल मार्केटिंग कंपनियों से अनुरोध किया है कि यदि भविष्य में एथेनॉल मिश्रण का प्रतिशत बढ़ाया जाता है या केवल एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की सप्लाई का निर्णय लिया जाता है, तो इसकी जानकारी पहले से दी जाए। इसके अलावा भूटान ने अपने स्टोरेज सिस्टम को सुरक्षित बनाने के लिए लीक-प्रूफ फ्यूल टैंक उपलब्ध कराने में भी सहयोग की मांग की है।

E20 पेट्रोल क्या है?

E20 पेट्रोल वह ईंधन है जिसमें 20% एथेनॉल और 80% सामान्य पेट्रोल मिलाया जाता है। भारत सरकार का उद्देश्य एथेनॉल मिश्रण बढ़ाकर प्रदूषण कम करना, किसानों को लाभ पहुंचाना और पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता घटाना है। हालांकि, पुराने वाहनों की अनुकूलता और स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर अभी भी कई सवाल उठाए जा रहे हैं।


Ashutosh Sharma
प्रधान संपादक एवं राजनीतिक विश्लेषक • राजनीति

Ashutosh Sharma

आशुतोष शर्मा सीजेपी मीडिया के प्रधान संपादक एवं राजनीतिक विश्लेषक हैं। वे राष्ट्रीय राजनीति, चुनाव, सार्वजनिक नीतियों, शासन and जनहित के विषयों पर गहन विश्लेषण प्रस्तुत करते हैं। उनकी पत्रकारिता तथ्य, निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर आधारित है।