Bhopal Kisan Andolan Today: मूंग खरीदी की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे किसान, शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित
भोपाल किसान आंदोलन आज सुर्खियों में है। मूंग की 100% MSP पर सरकारी खरीदी, खाद वितरण व्यवस्था में सुधार और अन्य मांगों को लेकर किसानों ने सड़कों पर प्रदर्शन किया। आंदोलन के कारण भोपाल की यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई और कई इलाकों में लंबा जाम देखने को मिला।

Bhopal Kisan Andolan
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Bhopal Kisan Andolan Today: भोपाल में किसानों के बड़े प्रदर्शन ने मंगलवार को शहर की यातायात व्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया। नीट पेपर लीक विरोधियों के धरने के खत्म होने के कुछ ही दिनों बाद अब संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में हजारों किसान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मध्य प्रदेश के भोपाल पहुंचे। किसानों ने 'किसान क्रांति मार्च' के माध्यम से सरकार से ग्रीष्मकालीन मूंग की पूरी फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदने और खाद वितरण प्रणाली में सुधार की मांग उठाई।

किसान संगठनों और राज्य के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना के बीच हुई बातचीत किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी, जिसके बाद प्रदर्शन जारी रहा। हालांकि, राज्य सरकार की ओर से सकारात्मक बातचीत होने की जानकारी साझा की गई है। कृषि मंत्री ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र भेजकर मध्य प्रदेश के लिए मूंग खरीद लक्ष्य बढ़ाने का अनुरोध भी किया है। वर्तमान में राज्य में मूंग उत्पादन का अनुमान 20.16 लाख टन बताया जा रहा है।
किसानों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
- मूंग की 100% सरकारी खरीद MSP पर सुनिश्चित की जाए।
- खाद वितरण में लागू ई-टोकन व्यवस्था को समाप्त किया जाए।
- कम वर्षा वाले क्षेत्रों में किसानों को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराई जाए।
- भावांतर योजना को समाप्त करने पर विचार किया जाए।
- खाद वितरण प्रणाली में तकनीकी समस्याओं का समाधान किया जाए।
किसानों का कहना है कि वर्तमान डिजिटल व्यवस्था के कारण उन्हें खाद प्राप्त करने में कई व्यावहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
हाई कोर्ट ने खाद वितरण प्रणाली को लेकर क्या कहा?
खाद वितरण में लागू 'ई-विकास' प्रणाली को चुनौती देने वाली याचिका को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है। अदालत ने अपने निर्णय में माना कि यह व्यवस्था कालाबाजारी और जमाखोरी जैसी समस्याओं को रोकने के उद्देश्य से बनाई गई नीतिगत पहल है। हालांकि, किसान संगठनों का कहना है कि सर्वर संबंधी समस्याएं और तकनीकी बाधाएं किसानों के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं।

बरखेड़ा से शुरू हुआ किसान क्रांति मार्च
संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में किसान क्रांति मार्च बरखेड़ा क्षेत्र से शुरू हुआ। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए होशंगाबाद रोड, मिसरोद और सीएसआईआर-एएमपीआरआई क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था की थी, लेकिन बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने कई स्थानों पर लगाए गए बैरिकेड्स पार कर लिए।
प्रदर्शन के दौरान कुछ किसानों ने सड़क किनारे भोजन तैयार किया और लंबे समय तक वहीं डटे रहे। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी गई।
भोपाल में यातायात व्यवस्था हुई प्रभावित
किसान आंदोलन का असर भोपाल के कई प्रमुख मार्गों पर देखने को मिला। ट्रैफिक पुलिस ने वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजने की व्यवस्था की, जिसमें एम्स, कटारा हिल्स और मंडीदीप की ओर जाने वाले रास्ते शामिल थे। इसके बावजूद कई इलाकों में लंबा जाम लगा रहा।
आंदोलन के कारण शहर की लगभग 150 से अधिक कॉलोनियों के लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ स्कूलों ने एहतियात के तौर पर अवकाश की घोषणा भी की।
अस्पताल पहुंचने में लोगों को हुई परेशानी
नर्मदापुरम रोड स्थित अस्पतालों के आसपास सबसे अधिक परेशानी देखने को मिली। मरीजों के परिजन दवाइयां और आवश्यक सामान लेकर अस्पताल पहुंचने के लिए लंबे समय तक जाम में फंसे रहे।
मध्य प्रदेश भोपाल में किसान आंदोलन में किसानों को कहना है कि हमारी मांगों को माना जाए वरना यह तो कुछ ही किसान आए लेकिन हमारी मांगों को नहीं माना गया तो सभी किसान इस आंदोलन में भाग लेंगे और फिर यह भोपाल शहर को संभालना मुश्किल हो जायेगा इसलिए सरकार से बनती है कि हमारी मांगों को माना जाए।
कई स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन की अपेक्षा जताई। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन को प्रदर्शन की पूर्व जानकारी थी, तो वैकल्पिक यातायात व्यवस्था पहले से लागू की जानी चाहिए थी।
बैरिकेड्स पार कर आगे बढ़े प्रदर्शनकारी
प्रशासन द्वारा ग्यारह मील, मिसरोद और बाग सेवनिया सहित कई स्थानों पर बैरिकेड्स लगाए गए थे। हालांकि, बड़ी संख्या में पहुंचे प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने में सफल रहे और आरआरएल तिराहे तक पहुंच गए।
इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की धक्का-मुक्की की स्थिति बनी, लेकिन किसी बड़े टकराव या बल प्रयोग की सूचना नहीं मिली। सुरक्षा बलों ने स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पूरे क्षेत्र में तैनाती बनाए रखी।
प्रशासन पर उठे सवाल
शहर के कई नागरिकों ने ट्रैफिक प्रबंधन और पूर्व तैयारियों को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि प्रदर्शन की जानकारी पहले से होने के बावजूद आम नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
यातायात विभाग के अधिकारियों के अनुसार, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया था। साथ ही, देर शाम तक अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रखकर यातायात को सामान्य बनाने का प्रयास किया गया।

सुरेन्द्र गहलोत
सुरेन्द्र गहलोत सीजेपी मीडिया में वरिष्ठ समाचार लेखक हैं। वे राष्ट्रीय घटनाओं, जनहित के मुद्दों, सरकारी नीतियों, सामाजिक विषयों और समसामयिक मामलों पर तथ्यपरक एवं निष्पक्ष समाचार लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक विश्वसनीय, स्पष्ट और प्रमाणित जानकारी सरल भाषा में पहुँचाना है। वे गहन शोध और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचार तैयार करने में विश्वास रखते हैं।


