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Abhijeet Dipke Mumbai Protest: ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया तो 10 अक्टूबर को बड़ा प्रदर्शन

Abhijeet Dipke Mumbai Protest के बाद बड़ा ऐलान, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्टूबर को दिल्ली के Jantar Mantar पर प्रदर्शन होगा।

Ashutosh Sharma
Ashutosh Sharmaप्रधान संपादक एवं राजनीतिक विश्लेषक
October 3, 2026•4 min read•Beat: राजनीति
Abhijeet Dipke Maharastra

गांधी जयंती 2 अक्टूबर पर मुंबई के शिवाजी पार्क में सीजीपी प्रोटेस्ट में मुख्य सुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ। इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के Date रखी गई। Abhijeet Dipke Mumbai Protest शिवाजी पार्क में सीजीपी प्रोटेस्ट करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (सीजीपी) को विपक्षों और फिल्म एक्टर ने प्रोटेस्ट में पहुंचकर समर्थन दिया। सीजीपी ने शिवाजी पार्क में विरोध प्रदर्शन के दौरान 75 वर्ष के व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ने पर उनकी मौत हो गई।

Abhijeet Dipke Mumbai Protest

कॉकरोच पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मुंबई के शिवाजी पार्क से ये घोषणा की कि अगर आने वाले चार-पाँच दिन में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने इस पद से त्याग नहीं दिया, तो सीजीपी द्वारा 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट करेगी। कॉकरोच जनता पार्टी के द्वारा अभिजीत दीपके ने ज्ञानेश कुमार को खुली चेतावनी दि है कि अगर आपने पद से त्याग नहीं दिया, तो दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP प्रोटेस्ट 2 किया जायेगा।

कॉकरोच जनता पार्टी की चेतावनी

अभिजीत दीपके ने देर रात को X Twitter पर पोस्ट करते हुए कहा है कि अगर ज्ञानेश कुमार अपने पद से स्तीफा नहीं देते हैं तो पूरे भारत देश से 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बहुत बड़ा प्रोटेस्ट किया जाएगा और दिल्ली पुलिस द्वारा इस प्रोटेस्ट को रोकने की कोशिश की तो जहाँ प्रदर्शनकारी होंगे वहीं से इस प्रोटेस्ट को आगे बढ़ाया जाएगा लेकिन किसी भी हाल में ज्ञानेश कुमार का स्तीफा लेकर रहेंगे और हमारा ये प्रोटेस्ट शांतिपूर्ण होगा और हम महात्मा गांधी द्वारा दिखाए गए रास्ते पर चलेंगे।

दिपके ने दिल्ली पुलिस से क्या कहा

अभिजीत दीपके ने कहा है कि यह भारत सरकार और दिल्ली पुलिस को तय करना होगा कि शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का सम्मान करना चाहते हैं या 20 जुलाई को छात्रों के साथ बर्बरता करना चाहते हैं। दिल्ली पुलिस द्वारा 20 जुलाई को जन्तर-मंतर पर NEET पेपर लिक को लेकर सीजीपी के पेसले आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की लाठीचार्ज और बर्बरता के कारण सख्ती की थी। ऐसा आगे न किया जाए। हम एक लोकतांत्रिक देश में रहते हैं। यहाँ पर अपने हक की आवाज लड़ना या विरोध प्रदर्शन करना यह हमारा अधिकार है। दीपके ने आगे कहा है कि भारतीय लोकतांत्रिक को बचाने की लड़ाई लड़ना हर नागरिक को इस प्रदर्शन में भाग लेना चाहिए जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहता हो, वह इस प्रदर्शन में जरूर भाग लेना चाहिए। यह लोग हमारे संविधान और लोकतंत्र का खिलवाड़ कर रहे हैं। इन्हें जवाबदेही होनी चाहिए।

CJP मुंबई प्रोटेस्ट में कितने लोग आए

मुम्बई के कल प्रदर्शन के दौरान दादर बस स्टॉप से 10 मिनट की पैदल दूरी पर स्थित शिवाजी पार्क पर छात्र और युवा और महिलाएं इस प्रोटेस्ट में भाग लेने आए इन प्रदर्शनकारियों के हाथों में तिरंगे व जियानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर ऐसे पोस्टर हाथ में लेकर इस प्रदर्शन में आएं। दिल्ली पुलिस के, सॉरी, पुलिस द्वारा इस प्रदर्शन की अनुमति न देने के बावजूद भी सीजीपी, कोक्रोच जनता पार्टी ने शिवाजी पार्क में प्रदर्शन करके लाखों युवा इस प्रोटेस्ट में भाग लिया और जियानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर एकजुट हुए।

CJP Protest Mumbai

दीपके का कहना है कि अगर जियानेश कुमार चार-पाँच दिन में इस्तीफा नहीं देता है तो दस जुलाई को ये मुंबई में प्रोटेस्ट हुआ है, इससे भी बड़ा प्रोटेस्ट दिल्ली के जंतर-मंतर पर किया जाएगा। इतनी बड़ी सहरी करने के बावजूद भी ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं दे रहा है और सरकार इस पर कदम नहीं उठा रही है। ये लोकतंत्र का बहुत बड़ा हनन है। इसलिए ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना जरूरी है।

मुंबई में प्रदर्शन को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध भी सामने आया

मुंबई में सीजीपी प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानीय स्तर पर विरोध भी सामने आया। कुछ स्थानीय निवासियों और कारोबारियों ने आरोप लगाए हैं कि प्रदर्शन शिवाजी पार्क में होने से काफी लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। सामना करना पड़ेगा। और कुछ बीजेपी के लोग या कुछ स्थानीय लोग कह सकते हैं, उन्होंने सीजीपी के खिलाफ प्रदर्शन नारेबाज़ी भी की और विरोध जताते हुए कहा है कि हम यहाँ पर प्रदर्शन नहीं होने देंगे।

दूसरी ओर सीजीपी के कार्यकर्ता और सीजीपी के संस्थापक अभिजीत के ने भी ठान लिया कि या तो मुंबई पुलिस द्वारा हमें जेलों में डाले, जेल भरो आंदोलन करें या फिर हमें प्रोटेस्ट होने दे। और आखिरकार में सीजीपी का प्रोटेस्ट मुंबई में किया गया।


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Ashutosh Sharma
प्रधान संपादक एवं राजनीतिक विश्लेषक • राजनीति

Ashutosh Sharma

आशुतोष शर्मा सीजेपी मीडिया के प्रधान संपादक एवं राजनीतिक विश्लेषक हैं। वे राष्ट्रीय राजनीति, चुनाव, सार्वजनिक नीतियों, शासन and जनहित के विषयों पर गहन विश्लेषण प्रस्तुत करते हैं। उनकी पत्रकारिता तथ्य, निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर आधारित है।