New Satellite Launch in India 2026: ISRO EOS-05 Mission, Launch Date
New Satellite Launch in India 2026 जानिए ISRO के EOS-05 satellite launch की तारीख, भारत के space mission से जुड़ी पूरी जानकारी।

New Satellite Launch in India 2026
Table of Contents
New Satellite Launch in India 2026 में एक नया अंतरिक्ष में अपना रॉकेट लॉन्च करने जा रही है। इसका नाम शिरोनय एमेजिंग सैटेलाइट EOS-05 लॉन्च करने जा रही है। यह भारत देश के कई हिस्सों में जैसे पाकिस्तान, चीन समेत अन्य देशों के बॉर्डर रणनीतिक इलाकों पर नजर रखेगी। भारत इस सैटेलाइट को शुक्रवार सुबह तड़के अपना नया सैटेलाइट EOS-05 अंतरिक्ष में भेजने वाला है। इसकी सबसे खास बात यह है

भारत और आसपास के पड़ोसी देशों के सीमाओं पर नजर रखने का काम करेगा। यह बिल्कुल सैटेलाइट की तरह ही है। सैटेलाइट में जैसे जो भी हरकत होती है जिस इलाके में, वो सैटेलाइट में कैप्चर हो जाती है। उसी तरह यह भारत ने लॉन्च किया है। भारत के पड़ोसी देशों के बॉर्डर पर तैनात यह सैटेलाइट किसी भी हरकत को मूवमेंट को कैप्चर कर लेगा। इसलिए इसे लॉन्च किया जा रहा है। इसरो के मुताबिक GSLV-F17 रॉकेट 4 सितंबर को रात 2 बजकर 55 मिनट पर श्रीहरिकोटा से लॉन्च Chh यह GSLV रॉकेट की 19वीं उड़ान होने जा रही है।
EOS-05 में ऐसा क्या खास है?
भारत के ज्यादातर सैटेलाइट भारत के काफ़ी करीब वाली कक्षा में घूमते हैं। ये सैटेलाइट लगातार धरती का चक्कर लगाते रहते हैं। पहले के सैटेलाइट अलग-अलग जगह पर घूमते और भारत के धरती पर पिक्चर कैप्चर करते हैं, किसी भी मूवमेंट की पिक्चर कैप्चर करते हैं। पिक्चर कैप्चर करने के बाद ये आगे चले जाते हैं और उसी जगह की वापिस कैप्चर करने के लिए काफ़ी दिन लग जाते हैं। तो इसी का सॉल्यूशन करने के लिए भारत सरकार ने EOS-05 को लॉन्च किया है, जो सैटेलाइट में पहले इतने दिनों का गैप लगता था, जो उसी जगह की मूवमेंट को कैप्चर करने के लिए उसका सॉल्यूशन करते हुए इस सैटेलाइट को लॉन्च किया है।

EOS-05 का तरीका कुछ अलग होगा।
New Satellite Launch in India 2026 ये धरती से करीब 35,786 (36,000) किलोमीटर ऊपर रहेगा। इतनी बड़ी ऊँचाई पर रहने के बाद इंडिया को पूरी तरह कैप्चर कर सकता है और हर एक मूवमेंट से भारत को कैप्चर किया जा रहता है। इसलिए वह आसमान में एक ही इलाके के ऊपर टिका हुआ दिखाई देगा। यानी भारत के पड़ोसी देशों पे लगातार कैमरे के कैद में रहेगा। जो भी मूवमेंट होगा वो तुरंत कैप्चर कर लिया जाएगा। इसलिए EOS-05 को लॉन्च किया जा रहा है। इसरो ने अपने दस्तावेज में कहा है, इतनी बड़ी ऊँचाई से तस्वीर लेने वाला भारत का पहला सैटेलाइट होने जा रहा है और ये भारत के लिए सबसे गर्व की बात है।
भारत के किन जगह पर यह काम आएगा
EOS-05 का सैटेलाइट का असली फायदा तो उन जगहों पर होगा जहाँ पर जंगलों में तुरंत आग लग जाती है या कहीं पर बाढ़ आ जाती है, जहाँ पर हालात तेजी से बदलते हैं और हर मिनट क़ीमती होता है, तो पानी किस दिशा में जा रहा है, नदी का पानी किस गाँव की तरफ बढ़ रहा है, किसी जंगल में आग लगी हो तो कितनी तेजी से फैल रही है, किन-किन इलाकों को कवर करना चाहिए, कहाँ पर बादल फट सकते हैं, ग्लेशियर कहाँ पिघल सकता है और कहाँ पर बाढ़ आ सकती है, सब इस EOS-05 सैटेलाइट से पता किए जा सकता है। सैटेलाइट से सब पर लगातार नज़र रखने में सैटेलाइट से मिलने वाली तस्वीरें मदद कर सकेगी। इसके अलावा भी खेती, पानी, जंगल और पर्यावरण में होने वाले बदलावों पर नज़र रखी जा सकती है।
सैटेलाइट को इस तरह बनाया गया है, इसमें खास कैमरे लगे हुए हैं जो सिर्फ आम तस्वीरें नहीं ले सकता है। ये ऐसी चीजों में आए बदलाव भी पकड़ सकते हैं जो हमारी आँखों से सीधे दिखाई नहीं दे सकते। भारत का ये सैटेलाइट काफ़ी पावरफुल और काफ़ी मददगार साबित होने वाला है। जिस तरह की टेक्नोलॉजीज़ सैटेलाइट में यूज़ कर रखी है और जिस तरह के लेंसेस, कैमरे बना रखे हैं, वो भारत को और भी बाहरी आक्रमण और अंतरिक आक्रमण से रोक सकता है।
2021 की नाकामी के बाद वापसी
2021 में इस सैटेलाइट में EOS-02 सैटेलाइट कैरिओजेनिक टेस्ट की खराबी के कारण तुक्सा में लॉन्च नहीं किया गया था, लेकिन 2026 में EOS-05 उसी क्षमता और दोबारा हासिल करने का प्रयास है. GSLV F-17 तीन स्टेज वाला रॉकेट है, जिसकी ऊँचाई 51.7 मीटर और लिफ्ट ऑफ पावर चार्ट 20.5 टन है। इस सैटेलाइट को लॉन्च करने का मिशन भारत की अंतरिक्ष क्षमता को नई ऊँचाई देगा। ज्योक्रॉप-नेक्स्ट ने इमेजिंग से देश के पास लगातार निगरानी का औजार होगा, जो पहले भारत के पास नहीं था। इसरो का यह कदम आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगा। अपने विपलताओं के वजह से इस रॉकेट को सक्सेसफुली लॉन्च किया जाएगा।

सुरेन्द्र गहलोत
सुरेन्द्र गहलोत सीजेपी मीडिया में वरिष्ठ समाचार लेखक हैं। वे राष्ट्रीय घटनाओं, जनहित के मुद्दों, सरकारी नीतियों, सामाजिक विषयों और समसामयिक मामलों पर तथ्यपरक एवं निष्पक्ष समाचार लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक विश्वसनीय, स्पष्ट और प्रमाणित जानकारी सरल भाषा में पहुँचाना है। वे गहन शोध और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचार तैयार करने में विश्वास रखते हैं।


