Barmer News: 55 दिनों से न्याय की लड़ाई लड़ रहे आंबाराम मेघवाल, भूमि विवाद मामले में प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
Barmer News: बाड़मेर के देदूसर गांव निवासी आंबाराम मेघवाल पिछले 55 दिनों से भूमि विवाद मामले में न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और अपनी जमीन से जुड़े मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है।

आंबाराम मेघवाल
Table of Contents
Rajasthan Barmer News : बाड़मेर जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर देदूसर गांव के निवासी आंबाराम मेघवाल पिछले 55 दिनों से अपनी भूमि विवाद से जुड़े मामले में न्याय की मांग को लेकर शांतिपूर्ण धरने पर बैठे हुए हैं। उनका कहना है कि उन्हें अपनी जमीन से जुड़े मामले में अब तक न्याय नहीं मिल पाया है, जिसके चलते वे प्रशासन से निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

55 दिनों से जारी है शांतिपूर्ण धरना
आंबाराम मेघवाल शिव विधानसभा क्षेत्र के देदूसर गांव के निवासी हैं। वे पिछले लगभग दो महीनों से जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने धरने पर बैठे हुए हैं। उनका आरोप है कि भूमि विवाद से संबंधित मामले में उनकी शिकायत पर अब तक संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है। न्याय की मांग को लेकर उन्होंने लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जारी रखा हुआ है।
जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर उठ रहे सवाल
धरने के दौरान उनसे मुलाकात करने पहुंचे सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने उनकी समस्याओं को सुना और उन्हें न्याय की लड़ाई में साथ देने का भरोसा दिलाया। इस दौरान यह सवाल भी उठाया गया कि शिव विधानसभा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों द्वारा अब तक इस मामले का सार्वजनिक रूप से संज्ञान क्यों नहीं लिया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जनता अपने जनप्रतिनिधियों से केवल विकास कार्यों की ही नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में उनके साथ खड़े होने की भी अपेक्षा रखती है। ऐसे में एक नागरिक द्वारा लगातार 55 दिनों तक न्याय की गुहार लगाए जाने के बावजूद राजनीतिक स्तर पर चुप्पी चिंता का विषय बनी हुई है।
जिला कलेक्टर के नाम सौंपा गया ज्ञापन
आंबाराम मेघवाल के समर्थन में जिला मुख्यालय पर जिला कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया है। ज्ञापन में भूमि विवाद की निष्पक्ष और अंबाराम का कहना है मेरी जमीन पर राजपूत ने जोर जबरदस्ती कब्जा कर दिया है और यह मेरे पूर्वजो की जमीन है उनका कहना है ना तो प्रशासन और ना ही कोई मीडिया इसे बताना चाहती है
मैं आज 55 दिन से यहां पर अनशन पर बैठा हूं कोई सुनने वाला नहीं है साथ ही प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द से जल्द आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाए।
क्या हैं प्रमुख मांगें?
आंबाराम मेघवाल और उनके समर्थकों की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं—
- भूमि विवाद मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए।
- संबंधित अधिकारियों द्वारा पूरे मामले की पारदर्शी समीक्षा की जाए।
- पीड़ित को शीघ्र न्याय प्रदान किया जाए।
- प्रशासन इस मामले में स्पष्ट और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करे।
लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का महत्व
भारत के लोकतांत्रिक ढांचे में किसी भी नागरिक को अपनी समस्याओं और मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से प्रशासन के समक्ष रखने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। आंबाराम मेघवाल का धरना भी इसी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। ऐसे मामलों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की संवेदनशील भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है, ताकि किसी भी नागरिक को न्याय पाने के लिए लंबे समय तक संघर्ष न करना पड़े।

सुरेन्द्र गहलोत
सुरेन्द्र गहलोत सीजेपी मीडिया में वरिष्ठ समाचार लेखक हैं। वे राष्ट्रीय घटनाओं, जनहित के मुद्दों, सरकारी नीतियों, सामाजिक विषयों और समसामयिक मामलों पर तथ्यपरक एवं निष्पक्ष समाचार लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक विश्वसनीय, स्पष्ट और प्रमाणित जानकारी सरल भाषा में पहुँचाना है। वे गहन शोध और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचार तैयार करने में विश्वास रखते हैं।


