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Nepal Flood Alert: नेपाल में बाढ़ आई, Bihar में Alert; UP के इन जिलों में भी बढ़ी सतर्कता

Nepal Flood Alert बाढ़ आई तो बिहार में अलर्ट जारी किया गया है। गंडक-नारायणी नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए UP के महराजगंज और कुशीनगर में भी प्रशासन सतर्क है।

Nepal Flood Alert

Nepal Flood Alert के रासुवा जिले में अचानक आई बाढ़ के बाद भारत के सीमावर्ती राज्यों उत्तर प्रदेश और बिहार में भी प्रशासन अलर्ट मोड पर है। नेपाल से निकलने वाली नदियों में पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए दोनों राज्यों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने संभावित जलस्तर बढ़ने की स्थिति से निपटने के लिए जरूरी तैयारियां तेज कर दी हैं।

नेपाल में आई इस अचानक बाढ़ से रासुवा जिले में कम से कम आठ लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनमें भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। बाढ़ के कारण प्रभावित इलाकों में काफी नुकसान हुआ है। इसके बाद नेपाल से सटे भारतीय क्षेत्रों में भी निगरानी और एहतियाती कदम बढ़ा दिए गए हैं।

बिहार में बढ़ाई गई निगरानी

नेपाल से बिहार की ओर आने वाली प्रमुख नदियों में गंडक और कोसी शामिल हैं। गंडक नदी को नेपाल में नारायणी के नाम से भी जाना जाता है। हिमालय और तिब्बत क्षेत्र से निकलने वाली ये नदियां आगे भारतीय मैदानी इलाकों में प्रवेश करती हैं।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्थिति पर नजर रखने के लिए उच्चस्तरीय समिति बनाए जाने की जानकारी दी है। मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक समेत वरिष्ठ अधिकारी हालात की निगरानी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर वह स्वयं प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर सकते हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी बिहार के मुख्यमंत्री से बातचीत कर राज्य की तैयारियों के बारे में जानकारी ली है।

गंडक नदी के जलस्तर को लेकर प्रशासन सतर्क

बिहार स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों तक जल्द सहायता पहुंचाने के लिए संबंधित विभागों के साथ बैठकें की जा रही हैं।

आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी जानकारी में बताया गया है कि नेपाल में गंडक नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति के कारण बिहार में अचानक पानी का बहाव बढ़ने की संभावना पर निगरानी रखी जा रही है।

प्रशासन ने गंडक नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को अनावश्यक रूप से नदी के पास नहीं जाने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की सलाह दी गई है। किसी भी तरह की चेतावनी मिलने पर प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।

उत्तर प्रदेश के दो जिलों में अलर्ट

नेपाल में बाढ़ के असर को देखते हुए उत्तर प्रदेश के महराजगंज और कुशीनगर जिलों में भी प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि गंडक और नारायणी नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को जरूरी तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

नेपाल से उत्तर प्रदेश की ओर आने वाली प्रमुख नदियों में घाघरा (करनाली), शारदा (काली), गंडक और राप्ती शामिल हैं। ऐसे में नेपाल के ऊपरी इलाकों में होने वाली भारी बारिश या अचानक बाढ़ का असर सीमावर्ती क्षेत्रों में पानी के बहाव पर पड़ सकता है।

नेपाल में कई लोग अब भी लापता

नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से कम से कम 384 लोग लापता बताए गए हैं। इनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। लापता विदेशी नागरिकों में 105 भारतीय बताए गए हैं।

रासुवा जिले में नेपाल पुलिस के कम से कम 26 जवानों के लापता होने की जानकारी भी सामने आई है। इसके अलावा सशस्त्र पुलिस बल के सात जवानों के लापता होने की बात कही गई है।

नेपाली मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बाढ़ का पानी तिब्बत की ओर से सीमा क्षेत्र में आया, जिसके कारण नेपाल के कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ और कुछ गांव भी प्रभावित हुए।

UP-Bihar Nepal Flood Alert: लोगों से सावधानी बरतने की अपील

नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद उत्तर प्रदेश और बिहार में प्रशासन की निगरानी बढ़ा दी गई है। फिलहाल दोनों राज्यों में संबंधित विभाग संभावित जलस्तर बढ़ने की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराने के बजाय सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति में केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।


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सुरेन्द्र गहलोत
वरिष्ठ समाचार लेखक

सुरेन्द्र गहलोत

सुरेन्द्र गहलोत सीजेपी मीडिया में वरिष्ठ समाचार लेखक हैं। वे राष्ट्रीय घटनाओं, जनहित के मुद्दों, सरकारी नीतियों, सामाजिक विषयों और समसामयिक मामलों पर तथ्यपरक एवं निष्पक्ष समाचार लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक विश्वसनीय, स्पष्ट और प्रमाणित जानकारी सरल भाषा में पहुँचाना है। वे गहन शोध और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचार तैयार करने में विश्वास रखते हैं।