Bhavri Devi Hatyakand: भंवरी देवी बिश्नोई हत्याकांड क्या है? जानें पूरी कहानी और केस का पूरा घटनाक्रम
Bhavri Devi Hatyakand की पूरी कहानी जानें। भंवरी देवी मर्डर केस में क्या हुआ, जांच कैसे आगे बढ़ी, केस से जुड़ी पूरी जानकारी यहां पढ़ें।

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Bhavri Devi Hatyakand - राजस्थान के फलोदी जिले में लोहावट के संभेश्वर नगर में 27 जुलाई को भंवरी देवी बिश्नोई की किसी ने हत्या कर दी। भंवरी देवी अपने घर में बच्चों के साथ थी, वहीं पर हमलावर आकर उनकी हत्या कर देते हैं। हमले के मामले में आज ग्यारह दिन बीत चुके हैं लेकिन पुलिस के हाथ अभी भी खाली हैं। इस हमलावर के विरोध में पूर्व विधायक किशनराम बिश्नोई के नेतृत्व में 41 लोग अनशन पर बैठे हुए हैं। प्रशासन द्वारा प्रशासन ने 30 जुलाई को पांच दिन में आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था लेकिन अभी तक आरोपी पकड़े नहीं गए हैं। इसी वजह से लोगों में गुस्सा और आंदोलन के लिए लोग सड़कों पर उतर गए हैं।

कौन है भंवरी देवी बिश्नोई
भवरी देवी राजस्थान के फलोदी जिले के लोहावट के जंबेश्वर नगर की रहने वाली हैं। भंवरी देवी की कास्ट बिश्नोई और उनके दो बच्चे हैं घटनाक्रम के टाइम हसबैंड काम करने के लिए विदेश गए थे।
Bhavri Devi Hatyakand घटनाक्रम
पूरी घटना - राजस्थान के जोधपुर के पास फलौदी जिले में लोहावट के क्षेत्र जंबेश्वर नगर की सश्रित Bhavri Devi Bishnoi Hatyakand। भंवरी देवी 31 जुलाई को अपने घर पर अपने दो बेटियों के साथ सो रही थी, तभी कुछ हमलावर आए और हमलावरों ने पहले घर के अंदर जाने की कोशिश की, फिर देखा कि भंवरी देवी और उनके बच्चे बाहर आंगन में सो रहे थे

तो हमलावर ने भंवरी देवी को खंजर से हत्या कर दी और उनकी दो बेटियां हैं, बड़ी बेटी 15 साल की और छोटी बेटी 10 साल की है, तो बेटियों ने चिल्लाना शुरू किया और बेटियों के ऊपर भी हमलावर ने हमला किया, 15 साल की बेटी पर गले पर कुछ क्रॉस आई, जिनमें ज्यादा चोट नहीं लगी और उधर दोनों बेटियां हमलावर से बचकर भाग निकलीं, अपनी जान बचाकर लेकिन भंवरी देवी भंवरी देवी को खंजर से लहू लोहान कर दिया। 2 सौ मीटर पर बच्चों के ताऊजी का घर है, वहाँ पर बच्चियां गई और चिल्लाने लगी कि हम पर हमलावर मारने आए। तो उनके ताऊजी वगैरह सभी भागकर वहाँ पर आए, तब तक वो हमलावर भागकर भाग चुका था

इस घटनाक्रम में भंवरी देवी को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचा सके। भंवरी देवी के हसबैंड किसान व खेती का काम करते हैं, लेकिन दुबई कमाने के लिए गए हुए थे। उन्हें इस घटना का पता चला तो तुरंत वो अपने घर आ गए। प्रशासन पुलिस का कहना है पुलिस व गांव वालों ने पैर को टका और उनके परिवार वालों को आश्वासन दिया कि पाँच दिन के अंदर हमलावर को हम पकड़ लेंगे, लेकिन अभी तक पुलिस वालों के हाथ हमलावर नहीं पकड़े गए हैं। इसी वजह से लोगों में जनाक्रोश और लोग आंदोलन के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं। 19 अगस्त मंगलवार को कलेक्टर घेराव के लिए लाखों लोग सड़कों पर उतर गए और न्याय की मांग करने लगे।
न्याय की मांग में लाखों लोग कलेक्टर घेराव
भंवरी देवी बिश्नोई हत्याकांड पुलिस की नाकामयाबी। प्रशासन ने 31 जुलाई को लोगों को आश्वासन दिया था कि 5 दिन के अंदर भंवरी देवी को न्याय दिलाया जाएगा, लेकिन पुलिस को हमलावर नहीं मिले। तो लोगों ने भंवरी देवी न्याय के लिए कलेक्टर घेराव के लिए लाखों लोग सड़कों पर उतर गए। पुलिस के रोकने व बैरिकेड लगाने पर लोगों ने बैरिकेड उखाड़ फेंके और पत्थरबाजी करने लगे। तो पूर्व विधायक किसना राम बिश्नोई ने आगे बढ़कर लाखों लोगों का मोर्चा संभाला।
पूर्व विधायक ने संभाला मोर्चा
पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प होने की बात सामने आई, जिसके चलते कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसी दौरान कुछ युवकों ने पुलिस की ओर पथराव करने का प्रयास किया। हालात बिगड़ते देख पूर्व विधायक किसनाराम विश्नोई ने आगे बढ़कर मोर्चा संभाला। उन्होंने लोगों को शांत कराया और समझाइश देकर स्थिति को हिंसक रूप लेने से रोकने में मदद की।

सुरेन्द्र गहलोत
सुरेन्द्र गहलोत सीजेपी मीडिया में वरिष्ठ समाचार लेखक हैं। वे राष्ट्रीय घटनाओं, जनहित के मुद्दों, सरकारी नीतियों, सामाजिक विषयों और समसामयिक मामलों पर तथ्यपरक एवं निष्पक्ष समाचार लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक विश्वसनीय, स्पष्ट और प्रमाणित जानकारी सरल भाषा में पहुँचाना है। वे गहन शोध और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचार तैयार करने में विश्वास रखते हैं।


