Sourav Joshi E20 Petrol Mileage Problem: 17 kmpl से 5 kmpl कैसे पहुंचा माइलेज? जानें पूरा मामला
Sourav Joshi E20 Petrol Mileage Problem से परेशान क्या सच में E20 पेट्रोल से कार का माइलेज 17 kmpl से घटकर 5 kmpl हो गया? जानें पूरा मामला, वायरल दावे की सच्चाई, E20 फ्यूल का असर, एक्सपर्ट्स की राय और सभी महत्वपूर्ण तथ्य।

Sourav Joshi
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Sourav Joshi E20 Petrol Mileage Problem से परेशान नजर आए सौरभ जोशी यूटूबर ने अपनी लग्जरी SUV मर्सिडीज़ का माइलेज 17 किलोमीटर से घटकर 5 किलोमीटर माइलेज देने लगी तो सौरव जोशी ने E20 पेट्रोल को जिम्मेदार ठहराया, इसके बाद मर्सिडीज़-बेंज इंडिया ने सौरभ को जवाब में बताया गया

हाल ही में मशहूर भारतीय लाइफस्टाइल व्लॉगर सौरव जोशी ने सोशल मीडिया पर काफी हलचल मचा दी, सौरव ने दावा किया है कि उनकी लग्जरी मर्सिडीज़-बेंज GLC SUV का माइलेज अनुमानित 16 से 17 किलोमीटर का देती थी लेकिन जब उन्होंने E20 पेट्रोल डलवाने के बाद अब उनकी गाड़ी 5 किलोमीटर का माइलेज देने लगी है इसके बारे में सौरभ ने वीडियो बनाया वीडियो काफी वायरल हुआ और E20 पेट्रोल पर रोक लगाने के लिए कहा | अपनी प्रीमियम गाड़ी को हल्द्वानी से दिल्ली स्थित सर्विस सेंटर तक ले जाने की परेशानी को लेकर काफी चिंता जताते हुए देखा गया।
Sourav Joshi E20 Petrol वायरल वीडियो
मर्सिडीज़-बेंज इंडिया ने इस मामले पर संतुलित प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी वाहन की माइलेज या तकनीकी समस्या के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इसलिए किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले अधिकृत सर्विस सेंटर में वाहन की जांच कराना जरूरी है। कंपनी का कहना है कि तकनीकी जांच के बिना सार्वजनिक मंचों पर किसी एक कारण को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है, क्योंकि इससे लोगों के बीच गलतफहमियां फैल सकती हैं।
मर्सिडीज़-बेंज़ ने E20 पेट्रोल को लेकर उठे सवालों पर जवाब दिया।
सोशल मीडिया पर E20 पेट्रोल को लेकर बढ़ती चर्चाओं और उपभोक्ताओं की चिंताओं के बीच मर्सिडीज़-बेंज़ इंडिया ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की है।
कंपनी ने कहा कि भारत में बेची जाने वाली उसकी सभी आधुनिक पेट्रोल कारों को E20 ब्लेंडेड पेट्रोल के अनुरूप डिजाइन और टेस्ट किया गया है। मर्सिडीज़-बेंज़ के अनुसार, उसकी सभी BS VI पेट्रोल गाड़ियाँ E20 ईंधन के उपयोग के लिए सक्षम हैं और संबंधित नियामक प्राधिकरणों से आवश्यक प्रमाणन भी प्राप्त कर चुकी हैं।
कंपनी ने अपने बयान में यह भी दोहराया कि ग्राहकों की सुरक्षा, वाहन की विश्वसनीयता और बेहतर प्रदर्शन उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि किसी ग्राहक को E20 ईंधन या वाहन से जुड़े तकनीकी पहलुओं को लेकर कोई सवाल है, तो कंपनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। साथ ही, मर्सिडीज़-बेंज़ ने कहा कि वह पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ (सस्टेनेबल) मोबिलिटी को बढ़ावा देने के अपने संकल्प पर कायम है।
Note - मर्सिडीज़-बेंज फ्यूल टैंक पर साफ-साफ लिखा हुआ है कि मर्सिडीज़-बेंज GLC SUV के लिए E5 और E10 पेट्रोल ही सही माना जाता है E20 डालने पर गाड़ियों की माइलेज एंड गाड़ी खराब होने की संभावना है और यह मर्सिडीज़ के फ्यूल टैंक पर E5 और E10 लिखा है

सौरव जोशी व्लॉगर का दावा क्या है सच और क्या है भ्रम?
हालांकि, केवल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर पर दिखाई देने वाली माइलेज को आधार बनाकर किसी एक वजह को जिम्मेदार ठहराना तकनीकी रूप से सही निष्कर्ष नहीं माना जाता। किसी भी आधुनिक कार की फ्यूल एफिशिएंसी कई कारकों पर निर्भर करती है, जैसे ड्राइविंग स्टाइल, ट्रैफिक की स्थिति, इंजन का तापमान, लंबे समय तक आइडलिंग, सड़क की परिस्थितियां और वाहन के इलेक्ट्रॉनिक सेंसर से मिलने वाला डेटा।

ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी वाहन की माइलेज में असामान्य गिरावट दिखाई देती है, तो वास्तविक कारण जानने के लिए अधिकृत सर्विस सेंटर में तकनीकी जांच कराना आवश्यक होता है। इसमें OBD (ऑन-बोर्ड डायग्नोस्टिक्स) स्कैन, इंजन सिस्टम की जांच और जरूरत पड़ने पर ईंधन की गुणवत्ता का परीक्षण भी किया जाता है। केवल डैशबोर्ड पर दिखाई देने वाली रीडिंग के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना कि समस्या का कारण केवल E20 पेट्रोल है, पर्याप्त तकनीकी प्रमाण नहीं माना जाता।
माइलेज कम होने का असल कारण क्या हो सकता है?
किसी भी वाहन की ईंधन खपत बढ़ने की सही वजह केवल तकनीकी जांच के बाद ही पता चल सकती है। केवल डैशबोर्ड पर दिख रहे माइलेज के आधार पर किसी एक कारण को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। विशेषज्ञों के अनुसार, माइलेज कम दिखने के पीछे कई संभावित कारण हो सकते हैं।
Sourav Joshi E20 Petrol Mileage Problem
1. लंबे समय तक इंजन चालू रखना
यदि वाहन लंबे समय तक एक ही जगह खड़ा रहे और इंजन तथा एयर कंडीशनर लगातार चलते रहें, तो ईंधन खर्च होता रहता है जबकि गाड़ी आगे नहीं बढ़ती। ऐसे में औसत माइलेज की रीडिंग सामान्य से कम दिखाई दे सकती है।
2. ट्रैफिक और सड़क की स्थिति
भीड़भाड़ वाले शहरों, बार-बार रुकने-चलने वाली ड्राइविंग या पहाड़ी रास्तों पर वाहन चलाने से इंजन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसकी वजह से हाईवे की तुलना में ईंधन की खपत अधिक हो सकती है और माइलेज कम महसूस होता है।
3. सेंसर या सॉफ्टवेयर की रीडिंग
कुछ मामलों में वाहन के सेंसर या ऑन-बोर्ड कंप्यूटर की अस्थायी गड़बड़ी के कारण डैशबोर्ड पर दिखाई देने वाला माइलेज वास्तविक खपत से अलग हो सकता है। ऐसी स्थिति में सर्विस सेंटर पर जांच कराने से सही कारण का पता चल सकता है।
4. E20 पेट्रोल
मर्सिडीज़-बेंज फ्यूल टैंक पर साफ-साफ लिखा हुआ है कि मर्सिडीज़-बेंज GLC SUV के लिए E5 और E10 पेट्रोल ही सही माना जाता है E20 डालने पर गाड़ियों की माइलेज एंड गाड़ी खराब होने की संभावना है और यह मर्सिडीज़ के फ्यूल टैंक पर E5 और E10 लिखा है यह तो सौरभ जोशी की गाड़ी चेक करने के बाद पता चलेगा की प्रॉब्लम क्या थी
E20 फ्यूल सही है या नहीं
विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य पेट्रोल की तुलना में E20 ईंधन (पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिला होता है) की ऊर्जा क्षमता थोड़ी कम होती है। इसी वजह से E20 इस्तेमाल करने पर कई वाहनों में माइलेज में करीब 1% से 3% तक का मामूली अंतर देखा जा सकता है। इसे सामान्य तकनीकी प्रभाव माना जाता है।
हालांकि, यदि किसी वाहन का माइलेज अचानक 17 kmpl से घटकर 5 kmpl तक पहुंच जाए, तो यह केवल E20 ईंधन की वजह से होना संभव नहीं माना जाता। इतनी बड़ी गिरावट के पीछे इंजन या सेंसर में खराबी, ईंधन की गुणवत्ता में समस्या, फ्यूल टैंक में पानी या अन्य अशुद्धियां, या लंबे समय तक वाहन के आइडल रहने जैसे तकनीकी कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। ऐसे मामलों में विस्तृत जांच की आवश्यकता होती है।
ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी प्रीमियम वाहन में इस तरह की असामान्य समस्या दिखाई दे, तो पहले उसे अधिकृत सर्विस सेंटर पर ले जाकर तकनीकी जांच करानी चाहिए। किसी निष्कर्ष पर पहुंचने या सार्वजनिक दावा करने से पहले वाहन की पूरी जांच और आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार करना अधिक उचित और जिम्मेदाराना कदम माना जाता है।

Jassi Parihar
Lead AI Architect at CJP Media. Former researcher in cognitive computing and compiler engineering
