Rajasthan Weather News: राजस्थान में भारी बारिश का अलर्ट, जानें आज और अगले 3 दिनों का मौसम
Rajasthan Weather News: राजस्थान में कई जिलों में बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना। जानें आज का मौसम, अगले 3 दिनों का पूर्वानुमान और IMD की ताजा अपडेट।

Samachar Jagat
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Rajasthan Weather News: भारत में राजस्थान को छोड़कर हर एक जगह बारिश हो रही थी लेकिन राजस्थान में मानसून अब पूरी तरह सर्किय हो चुका है पिछले 24 घंटों में हुई तेज बारिश ने जहां लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत दी है, वहीं कई जिलों में जल भराव और जनजीवन प्रभावित होने की तस्वीरें भी सामने आई हैं।

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे को बेहद अहम बताया है और कई जिलों के लिए ऑन रेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में मानसून ने अब रफ्तार पकड़ ली है। पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान में कई जगहों पर झमाझम बारिश दर्ज की गई जिससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि लगातार बारिश के चलते कई शहरों और कस्बों में सड़कें पानी से भर गई जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ।
राजस्थान के किन जिलों में बारिश हुई
झुनझुनू, करौली, चित्तौड़गढ़, अलवर, उदयपुर और सिरोही समेत कई जिलों में अच्छी बारिश हुई। कई इलाकों में निचले क्षेत्र जलमग्न हो गए और लोगों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। देर शाम हुई बारिश के बाद उदयपुर और सिरोही का मौसम पूरी तरह बदल गया और वातावरण सुहावना हो गया।
मौसम विभाग के अनुसार 11 जुलाई तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। भरतपुर, धौलपुर, बारा और झालावाड़ जिलों के लिए ऑनरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जहां अत्यधिक बारिश की आशंका है।
वहीं जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर और जालौर को छोड़कर अधिकांश जिलों में येलो अलर्ट लागू है। इन इलाकों में गरज, चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। बारिश के आंकड़ों की बात करें तो भरतपुर के बयाना और करौली के मंडल रायल में सबसे अधिक 84 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई।
इसके अलावा चित्तौड़गढ़ के भदेसर और निंबाहेड़ा, दौसा, धौलपुर, कोटा के चेचट और अलवर में भी अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई। लगातार हो रही बारिश का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दे रहा है। जयपुर, अजमेर, टोंक, चित्तौड़गढ़, सिरोही, दौसा, प्रतापगढ़, झुनझुनू और भीलवाड़ा सहित कई जिलों में अधिकतम तापमान 35° सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है।
जयपुर राजस्थान

राजधानी जयपुर में दिनभर बादल छाए रहे, ठंडी हवाएं चली और मौसम बेहद सुहावना बना रहा। हालांकि पश्चिमी राजस्थान में गर्मी का असर अभी भी बरकरार है। जैसलमेर में सबसे अधिक 41.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। जिससे साफ है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज अलग-अलग बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 12 जुलाई तक बारिश की गतिविधियां जारी
रहेंगी। इसके बाद मानसून की रफ्तार कुछ धीमी पड़ सकती है। प्रशासन ने लोगों से जल भराव वाले क्षेत्रों में सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की एडवाइज़री का पालन करने की अपील की है। फिलहाल राजस्थान में मानसून राहत भी लेकर आया है और चुनौती भी। अगर आप घर से बाहर निकल रहे हैं तो मौसम का ताजा अपडेट जरूर देखें और सुरक्षित रहें।
बिजली गिरने के दौरान क्या करें?
- खुले मैदान में खड़े न रहें।
- पेड़ के नीचे शरण न लें।
- मोबाइल चार्जिंग या बिजली के उपकरणों का अनावश्यक उपयोग न करें।
- सुरक्षित भवन के अंदर रहें।
राजस्थान में मानसून का असर
मानसून सक्रिय होने से कई जिलों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। गर्मी से राहत मिलने के साथ किसानों को भी फायदा होगा। हालांकि अधिक बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की संभावना बनी रह सकती है।
Frequently Asked Questions
राजस्थान के कई जिलों में बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश तथा कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश की संभावना है
पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कुछ जिलों में अन्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक बारिश होने की संभावना रहती है। ताजा पूर्वानुमान के अनुसार स्थिति बदल सकती है।
बारिश वाले क्षेत्रों में गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना हो सकती है। ऐसे समय खुले स्थानों से दूर रहना चाहिए।
अगले तीन दिनों तक कई जिलों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। कुछ स्थानों पर तेज बारिश और कुछ जगह हल्की बारिश होने की संभावना है।
हाँ। खेतों में जल निकासी की व्यवस्था रखें, मौसम साफ होने पर ही दवाइयों का छिड़काव करें और बिजली चमकने के दौरान खेतों में काम न करें.

सुरेन्द्र गहलोत
सुरेन्द्र गहलोत सीजेपी मीडिया में वरिष्ठ समाचार लेखक हैं। वे राष्ट्रीय घटनाओं, जनहित के मुद्दों, सरकारी नीतियों, सामाजिक विषयों और समसामयिक मामलों पर तथ्यपरक एवं निष्पक्ष समाचार लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक विश्वसनीय, स्पष्ट और प्रमाणित जानकारी सरल भाषा में पहुँचाना है। वे गहन शोध और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचार तैयार करने में विश्वास रखते हैं।


