Jharkhand Students Protest Today: भर्ती परीक्षा को लेकर बढ़ता विरोध कांग्रेस के लिए बना नई चुनौती
Jharkhand Students Protest Today: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षा को लेकर छात्रों का विरोध तेज हो गया है। जानिए कांग्रेस के लिए क्यों बन रहा है यह आंदोलन नई राजनीतिक चुनौती।

Jharkhand Students Protest Today: झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का विरोध लगातार जारी है। इसी क्रम में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की है। इस आंदोलन में उनके साथ कई अन्य छात्र भी शामिल हैं, जो परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में आमरण अनशन के माध्यम से अपनी मांगें उठा रहे हैं।

झारखंड की राजधानी रांची में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों और युवाओं का आंदोलन लगातार तेज़ होता जा रहा है। प्रदर्शनकारी भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बीच राज्य की सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार में शामिल कांग्रेस पार्टी भी इस मुद्दे पर सक्रिय होती दिखाई दे रही है। पार्टी के भीतर यह भावना बताई जा रही है कि युवाओं की चिंताओं का समय रहते समाधान होना चाहिए और सरकार को इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल, जिसमें झारखंड मामलों के AICC प्रभारी के. राजू और राज्य सरकार में पार्टी के मंत्री शामिल हैं, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात करेगा। इस बैठक में प्रदर्शन कर रहे युवाओं की मांगों पर गंभीरता से विचार करने और समाधान निकालने का आग्रह किया जाएगा।
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में बड़ी संख्या में नौकरी के अभ्यर्थी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं। शुरुआत में प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की CBI से जांच कराने की थी। हालांकि, आंदोलन आगे बढ़ने के साथ उन्होंने अपनी मांग में बदलाव करते हुए अब झारखंड से बाहर के सेवानिवृत्त हाई कोर्ट के न्यायाधीशों के स्वतंत्र पैनल से जांच कराने की मांग रखी है।
यह विरोध ऐसे समय में सामने आया है जब कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा संबंधी विवादों और कथित पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है। संसद के भीतर भी विपक्ष इस विषय को लेकर सरकार से जवाब मांग रहा है और पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठा रहा है।
हालांकि कांग्रेस नेतृत्व ने अब तक झारखंड के इस आंदोलन पर सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत बयान नहीं दिया है, लेकिन पार्टी के भीतर इस बात को लेकर चिंता जताई जा रही है कि यदि राज्य सरकार ने इस मामले का संतोषजनक समाधान नहीं निकाला तो इसका राजनीतिक असर पड़ सकता है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व ने यूथ कांग्रेस और NSUI के राष्ट्रीय पदाधिकारियों को भी प्रदर्शन स्थल पर जाकर छात्रों और युवाओं से मुलाकात करने तथा उनका पक्ष सुनने के लिए कहा है।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का मानना है कि कांग्रेस लंबे समय से भर्ती परीक्षाओं और पेपर लीक से जुड़े मुद्दों को उठाती रही है। ऐसे में यदि झारखंड में आंदोलन कर रहे युवाओं के प्रति पार्टी समर्थन का संदेश नहीं देती है, तो इससे उसकी राजनीतिक छवि प्रभावित हो सकती है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदर्शनकारियों की मांगों को पूरी गंभीरता से देख रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी मांगों और संबंधित पहलुओं का सावधानीपूर्वक अध्ययन किया जा रहा है तथा उचित समय पर निर्णय की जानकारी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरकार के फैसले से आंदोलन कर रहे युवाओं की चिंताओं का समाधान होगा।
कांग्रेस और JMM के रिश्तों में पहले से है तनाव
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस के बीच राजनीतिक मतभेद पहले भी सामने आ चुके हैं। वर्ष 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों के संबंधों में तनाव देखने को मिला था। उस समय JMM ने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था और आरोप लगाया था कि सहयोगी दलों ने उसे पर्याप्त राजनीतिक अवसर नहीं दिए।
इसके बाद पिछले महीने हुए झारखंड राज्यसभा चुनाव के दौरान भी दोनों दलों के बीच मतभेद खुलकर सामने आए। INDIA गठबंधन के पास दो सीटें जीतने की स्थिति होने के बावजूद उम्मीदवारों के चयन को लेकर दोनों दल अलग-अलग रुख पर कायम रहे। कांग्रेस ने एक सीट पर अपना उम्मीदवार घोषित किया, जबकि JMM दोनों सीटों पर दावा कर रही थी।
चुनाव के दौरान गठबंधन के कुछ विधायकों की कथित क्रॉस-वोटिंग के कारण कांग्रेस उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा। इस नतीजे के बाद दोनों सहयोगी दलों के बीच राजनीतिक दूरी और बढ़ने की चर्चा तेज़ हो गई।
Frequently Asked Questions
यह विरोध प्रदर्शन JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और छात्रों की मांगों को लेकर किया जा रहा है।
यह आंदोलन झारखंड की राजधानी रांची में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम सहित अन्य स्थानों पर चल रहा है।
इस आंदोलन का नेतृत्व छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो कर रहे हैं, जिनके साथ कई छात्र भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हैं।
छात्र JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, पारदर्शिता और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
हाँ, आंदोलन के दौरान छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं और अन्य छात्र भी उनका समर्थन कर रहे हैं।
JPSC (Jharkhand Public Service Commission) और JSSC (Jharkhand Staff Selection Commission) झारखंड सरकार की प्रमुख भर्ती एजेंसियाँ हैं, जो विभिन्न सरकारी पदों के लिए परीक्षाएँ आयोजित करती हैं।
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सुरेन्द्र गहलोत
सुरेन्द्र गहलोत सीजेपी मीडिया में वरिष्ठ समाचार लेखक हैं। वे राष्ट्रीय घटनाओं, जनहित के मुद्दों, सरकारी नीतियों, सामाजिक विषयों और समसामयिक मामलों पर तथ्यपरक एवं निष्पक्ष समाचार लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक विश्वसनीय, स्पष्ट और प्रमाणित जानकारी सरल भाषा में पहुँचाना है। वे गहन शोध और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचार तैयार करने में विश्वास रखते हैं।


