Telegram Ban in India: NTA के फैसले पर लोगों की क्या है राय?
हाल ही में भारत में Telegram को अस्थायी रूप से 16 जून से 22 जून 2026 तक प्रतिबंधित कर दिया गया है। यह फैसला NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा (Re-NEET) से पहले लिया गया है। सरकार और NTA का कहना है कि कुछ लोग Telegram का इस्तेमाल फर्जी पेपर लीक, गलत जानकारी फैलाने और छात्रों को ठगने के लिए कर रहे थे।


Telegram Ban
Table of Contents
Talegram बेन लोगों की क्या है राय?
1. कुछ लोग फैसले के समर्थन में
कई छात्रों और अभिभावकों का मानना है कि यह फैसला परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जरूरी है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और फर्जी पेपर लीक से छात्रों में डर और भ्रम पैदा होता है। ऐसे में अस्थायी प्रतिबंध से परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से कराई जा सकेगी।

2. कुछ लोग फैसले के विरोध में
कई लोग और तकनीकी विशेषज्ञ इस फैसले की आलोचना कर रहे हैं। उनका कहना है कि लाखों सामान्य उपयोगकर्ताओं को Telegram से दूर रखना सही समाधान नहीं है। उनका मानना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, न कि Telegram प्लेटफॉर्म पर रोक लगानी चाहिए और देखा जाये तो यह बात सही है क्योकि पेपर लीक करने वाले माफिया को फांसी या इनकाउंटर एव ठोस सजा देनी चाहिए यह अपने इंडिया के भविष्य का सवाल है एक Telegram को बेन करना यह सही फैसला नहीं है एक्शन लेना है all Social midia बेन करो और पेपर लीक माफिया पर एक्शन लेना चाहिए |
NTA ने क्या कहा?
NTA ने अपने बयान में कहा कि यह कदम परीक्षा की निष्पक्षता और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है। एजेंसी का मानना है कि कुछ संगठित गिरोह Telegram का इस्तेमाल करके छात्रों से पैसे ऐंठ रहे थे और फर्जी पेपर बेचने का दावा कर रहे थे।
Telegram की प्रतिक्रिया

Telegram ने इस फैसले पर आपत्ति जताई है और इसे अदालत में चुनौती दी है। कंपनी का कहना है कि पूरे प्लेटफॉर्म को बंद करना सही समाधान नहीं है, क्योंकि इससे करोड़ों सामान्य यूजर्स प्रभावित हो रहे हैं। Telegram के संस्थापक ने भी कहा कि गलत काम करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए, न कि पूरे प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।
NTA ने छात्रों को क्या सलाह दी?
NTA ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी फर्जी पेपर लीक या सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे संदेशों पर भरोसा न करें। एजेंसी ने स्पष्ट कहा है कि परीक्षा से पहले कोई भी असली प्रश्नपत्र प्राप्त नहीं कर सकता।
निष्कर्ष
Telegram पर लगाया गया यह प्रतिबंध फिलहाल अस्थायी है और 22 जून 2026 तक लागू रहेगा। सरकार का उद्देश्य NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा को सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से आयोजित करना है। आने वाले दिनों में अदालत और सरकार के अगले फैसलों पर सभी की नजर बनी रहेगी।

Ashutosh Sharma
आशुतोष शर्मा सीजेपी मीडिया के प्रधान संपादक एवं राजनीतिक विश्लेषक हैं। वे राष्ट्रीय राजनीति, चुनाव, सार्वजनिक नीतियों, शासन and जनहित के विषयों पर गहन विश्लेषण प्रस्तुत करते हैं। उनकी पत्रकारिता तथ्य, निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर आधारित है।


